मोबाइल फोरेंसिक वाहन का शुभारंभ, पीड़ितों को त्वरित मिलेगा लाभ

मनेंद्रगढ़। नए कानून के तहत सात साल या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फोरेंसिक अधिकारी का घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी को लेकर एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ थाना परिसर में मोबाइल फोरेंसिक वाहन का शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मोबाइल फोरेंसिक वाहन में 14 प्रकार की आधुनिक किट उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से पुलिस घटनास्थल से सैंपल कलेक्ट कर सुरक्षित तरीके से लैब तक पहुंचा सकेगी। इससे जांच प्रक्रिया और अधिक वैज्ञानिक एवं मजबूत होगी। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि मोबाइल फोरेंसिक वाहन शुरू होने से पीड़ितों को त्वरित लाभ मिलेगा। फोरेंसिक एविडेंस के आधार पर की गई जांच में अपराध साबित होने की संभावना अधिक रहती है, क्योंकि एक्सपर्ट की राय न्यायालय में मजबूत साक्ष्य के रूप में मानी जाती है। इससे पीड़ितों को जल्द और बेहतर न्याय मिलने में सहायता मिलेगी।



