गौ विज्ञान की जिला स्तरीय परीक्षा सरभोका में संपन्न हुई

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा जिला स्तरीय गो विज्ञान परीक्षा का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर सर भोका में किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति में गौ माता ही मूल आधार है की पृष्ठभूमि मेंआयोजित विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस बौद्धिक विचार संगोष्ठी , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क सह जिला कार्यवाह देवेंद्र सिंह प्रमुख जिला प्रचारक, नरसिंह राजपूत, गो विज्ञान परीक्षा के जिला समन्वयक एवं पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सतीश उपाध्याय, ब्लॉक नोडल राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचार विभाग प्रमुख हेमंत कुमार नंदे भरतपुर उपस्थित थे। जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा में विद्यालयों के चयनित 70 छात्र सम्मिलित हुए।विचार संगोष्ठी में, अथर्ववेद में गौ विज्ञान की महिमा की जानकारी देते हुए सतीश उपाध्याय ने कहा कि-अखिल विश्व की आधार शक्ति गौ माता हैं। उन्होंने सुप्रसिद्ध साहित्यकार गिरीश पंकज के एक गाय की आत्मकथा उपन्यास की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें गौ माता के संरक्षण एवं जन-जन तक महत्व पहचाने की प्रेरणा रायपुर के साहित्यकार गिरीश पंकज के उपन्यास से मिली। श्री उपाध्याय ने कहा कि -गौ माता का अवतार मानवों के कल्याण के लिए हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के युवा सह जिला कार्यवाह देवेंद्र सिंह ने कहां कि -गौ माता में समस्त देवी देवताओं का वास होता है। गौ अनादिकाल से पूजनीय वंदनीय एवं शुद्ध आध्यात्मिक पशु है। गाय के ललाट में देवी पार्वती और नाक के मध्य कार्तिकेय का निवास रहता है। जिला प्रचारक नरसिंह राजपूत ने गौवंश का पुराणों में महत्व पर विचार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का आधार गौ माता ही है। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक नोडल अधिकारी कालेश्वर पैकराने किया। जिला स्तर पर सम्मिलित समस्त 70 परीक्षार्थियों को पंचगव्य का वितरण किया गया।



