गांव के दर्जनों हितग्राहियों को नहीं मिल पाता खाद्यान्न और राशन दुकान में खत्म हो जाता है चावल।
हर महीने रहती है चावल खत्म होने की परेशानी

रविशंकर कैवर्त मरवाही। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने छत्तीसगढ़ के गरीबी रेखा अन्तर्गत जीवन यापन करने वाले परिवारों को अन्त्योदय, प्राथमिकता राशन कार्ड हितग्राहियों के नाम पर पांच साल तक निशुल्क चावल देने की घोषणा की है और इस क्षेत्र में मजबूती से कार्य भी कर रही है लेकिन कई ग्राम पंचायतों के शासकीय उचित मूल्य की दुकान में चावल की पूर्ति ही नहीं हो पा रही है,, गोदामों से चावल राशन दुकानों तक तो पहुंच रहे हैं लेकिन गरीब हितग्राहियों को उनके अधिकारित योजना का लाभ उनको नहीं मिल पा रहा है जब वो चावल लेने के लिए राशन दुकान पर पहुंचते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनके गांव के राशन दुकान में चावल ही नहीं है और तो और चावल के साथ साथ शक्कर की भी कमी देखने व सुनने को मिल रही है। राशन दुकान वाले बोलते हैं इस महीने कम चावल आया था तो वो खत्म हो गया है, अब सवाल यह उठता है कि क्या शासन राशन दुकानों में चावल की पूर्ति नहीं कर पा रही है या फिर राशन दुकानों में ही चल रहा है चावल घोटाले का खेल। जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही के कई गांवों के जनताओ से यह बात सुनने को मिलता है कि उनके चावल लेने से पहले ही गांव के राशन दुकान में चावल खत्म हो जाता है। आखिर इस कहानी का असली खेल क्या है, अब ये सब तो कागजी जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन खबर प्रकाशन के बाद सम्बन्धित अधिकारी क्या इस समस्या का निराकरण करेंगे या फिर शासन और दुकान संचालक के कार्य प्रणाली के बीच गरीब जनता परेशान होते रहेगी।


