Chhattisgarh

CMHO ने पूर्व एएनएम ममता सिंह के आरोपों को बताया निराधार, कहा- नियमों के तहत हुई थी सेवा समाप्ति

मनेंद्रगढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने पूर्व एएनएम श्रीमती ममता सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय से दोषसिद्ध होने के बाद प्रचलित नियमों के तहत संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्त की गई थी। सीएमएचओ ने बताया कि ममता सिंह, जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर में पदस्थ थीं, उन्हें वर्ष 2016 में माननीय न्यायालय द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 304(भाग-2) एवं धारा 314 के तहत दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तत्कालीन जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरिया द्वारा नियमानुसार उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा सामान्य भविष्य निधि (GPF) एवं वार्षिक वेतन वृद्धि की एरियर राशि के भुगतान की मांग की गई है। चूंकि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए विभाग ने स्वास्थ्य संचालनालय से विधिक मार्गदर्शन मांगा है। दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार भुगतान संबंधी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. खरे ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किसी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की गई है। यदि किसी के पास ऐसे आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है, तो उसे तत्काल प्रस्तुत किया जाए। दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने कहा कि विभाग की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं तथा विभाग पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप कार्य कर रहा है।

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