Chhattisgarh

एचआईवी जागरूकता रैली को सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी

मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य एवं एचआईवी जागरूकता के संकल्प को मजबूत करते हुए सोमवार को सिविल हॉस्पिटल मनेंद्रगढ़ से एक विशाल एचआईवी जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘एचआईवी सघन प्रचार-प्रसार अभियान  के तहत आयोजित इस रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से पूरे शहर में एचआईवी/एड्स से बचाव, सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश प्रसारित किया गया।

नर्सिंग छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों का दिखा भारी उत्साह

इस सघन अभियान के तहत आयोजित रैली में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ-साथ मैदानी अमले ने भी पूरी ताकत झोंक दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से नोडल अधिकारी डॉ. मो वसीक अस्दक , डॉ. नम्रता चक्रवर्ती एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल, अवनीश पाण्डेय और आईसीटीसी काउंसलर निशा सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। रैली में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, प्रबंधकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ए.के. नर्सिंग कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। हाथों में गगनभेदी नारों और जागरूकता संदेशों की तख्तियां लिए युवाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया और आमजन को इस बीमारी के प्रति सचेत रहने की अपील की। रैली को रवाना करने के उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा . अविनाश खरे ने अभियान की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “12 अगस्त से शुरू हुआ यह एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे एक महीने का सघन मिशन है जो 12 सितंबर तक निरंतर चलेगा। एचआईवी/एड्स एक ऐसी बीमारी है जिससे डरने या छिपने की नहीं, बल्कि सही जानकारी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। आज भी समाज में इस बीमारी को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और सामाजिक संकोच व्याप्त है, जिसे दूर करना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक नागरिक तक मुफ्त परामर्श, जांच और एआरटी (ART) दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है। हमारा प्रयास है कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी इस सुरक्षा चक्र से जुड़े, ताकि हम एक एचआईवी मुक्त जिले का निर्माण कर सकें।”

नोडल अधिकारी डॉ मो वसीक अस्दक ने बताया

इस दो माह लंबे अभियान के दौरान जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, स्कूल-कॉलेजों में संगोष्ठी और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। सिविल अस्पताल प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संकोच को छोड़कर स्वास्थ्य केंद्रों में आकर परामर्श लें और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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