मनेंद्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर

सायबर अपराध के अन्तर्राजीय गिरोह को मनेंद्रगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार।

मनेंद्रगढ़। एक बड़ा ही साइबर ठगी का मामला मीडिया के संज्ञान में आया है। जहां छत्तीसगढ़ की एमसीबी जिला पुलिस द्वारा बड़े ही तत्परता के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा- निर्देश एवं मार्गदर्शन के आधार पर ठग गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। वहीं उक्त आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार कर एमसीबी जिला लाया गया है। एपीके फाइल नामक साइबर ठगी के मामले पर छत्तीसगढ़ की पहली बड़ी कार्यवाही निकल कर सामने आई है। जिसकी चर्चाएं भी हो रही और आम जनता एमसीबी पुलिस की इस कार्यवाही का भरी पूरी प्रशंसा व्यक्त कर रहे हैं।

उक्त संबंध में पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार से है। कि एमसीबी जिले के सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सायबर अपराध को अंजाम देकर लगभग 2 लाख रुपयों की ठगी करने वाले 05 आरोपियों को मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली है। साथ ही उनके कब्जे से 2 लाख 85 हजार रुपयों का माल मरूषका भी बरामद  कर लिया गया है।

वही पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक एमसीबी चंद्रमोहन सिंह ने बताया की प्रार्थी-वसीम आ. समीम उम्र लगभग 25 वर्ष निवासी वार्ड न. 04 मौहारपारा थाना मनेन्द्रगढ़ जिला एमसीबी (छ.ग.) का थाना आकर लिखित शिकायत पत्र प्रस्तुत किया कि दिनांक 7/11/2024 को प्रार्थी- के मोबाईल पर एक अज्ञात मोबाईल से फोन आया। फोन पर कहा गया की जियो कंपनी का प्रतिनिधि बोल रहा हूँ। आपके फोन पर एक ओटीपी आया होगा कह कर ओटीपी की मांग की गई। प्रार्थी के द्वारा ओटीपी को नहीं दिया गया। इसी बात पर अज्ञात फोन कालर के द्वारा ओटीपी नही बताने पर सिम को बंद करने की बात कहा गया। दिनांक 8 नवंबर को अचानक उक्त प्रार्थी- के मोबाईल नंबर में नेटवर्क आना बंद हो गया। एवं जियो आफिस जाने पर बंद होने की जानकारी नही मिल पाई। 11 नवम्बर को प्रार्थी के द्वारा अपने एचडीएफसी बैंक के खाता से पैसा निकलवाने के लिये चेक करवाया गया तो प्रार्थी के खाते से 9 नवम्बर से 11 नवम्बर तक कुल लगभग 1,99,802 रूपये यूपीआई के माध्यम से मोबाईल में ट्रांसफर किया गया है।जबकि प्रार्थी के द्वारा कोई भी ट्रांजेक्सन नही किया गया है। किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा प्रार्थी के सीम को हैक कर प्रार्थी के खाते से गलत तरीके से धोखा कर कुल 1,99,802 रूपये का आहरण किया गया है।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। तथा पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक एमसीबी चन्द्रमोहन सिंह के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एमसीबी अशोक वाडेगांवकर के मार्गदर्शन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मनेन्द्रगढ़ ए. टोप्पों के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गठित किया गया। जांच में यह पाया गया की प्रकरण में नये तरीके से सायबर अपराधी द्वारा घटना कारित करने के तरीके से ई-सिम के माध्यम से प्रार्थी के खाते से ऑनलाईन फ्राड किया गया। पूरे प्रकरण में गहन विश्लेषण कर अज्ञात सायबर अपराधियों की पतासाजी किया गया एवं झारखण्ड की राजधानी रांची से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के द्वारा अन्य राज्यो मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र एवं भारत के अन्य राज्यों में भी अपराध घटित किया गया है। आरोपियों द्वारा जुर्म करना स्वीकार करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेज दिया गया। सभी आरोपी देवघर जिला के रहने वाले है। जो वर्तमान में देवघर तथा उससे लगे जामताड़ा जिला सायबर ठगी के मामले में हब के रूप में जाना जाता है। इसलिये सभी आरोपी वहाँ से दूर अपना ठिकाना राजधानी रांची में बनाये है ।जो रांची के रिहायसी इलाकों में किराये के मकान लेकर सायबर ठगी का काम संचालित करते थे। प्रकरण का आरोपी- कुंदन दास पूर्व- में सायबर ठगी के मामले में सायबर थाना- देवघर के अप.क्र 25/2022 में गिरफ्तार होकर जेल में निरूद्ध रह चूका है। जेल में रहने के दौरान सायबर ठगी के विभिन्न मामलों को सीखा है। जेल से बाहर आकर अन्य आरोपियों को भी सायबर ठगी के लिये प्रशिक्षित किया है। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में मुख्य रूप से अन्तर्राजीय गिरोह को पकड़ने में थाना प्रभारी/निरीक्षक जनकपुर दीपेश सैनी, थाना प्रभारी उप निरीक्षक मनेंद्रगढ़ कोतवाली सुनील तिवारी, स.उ.नि अभिषेक पाण्डेय, प्र.आर. इस्तियाक खान, जुनास एक्का, पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय, राकेश शर्मा, जितेन्द्र ठाकुर, राकेश तिवारी सहित झारखंड पुलिस से थाना प्रभारी चुटिया रांची से लक्ष्मीकांत ,उप निरीक्षक जितेन्द्र मिश्र, स.उ.नि विश्वनाथ चौधरी की बड़ी सराहनीय भूमिका रही।

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